मेरठ–करनाल हाईवे पर शनिवार शाम हुए एक सड़क हादसे में घायल शामली निवासी युवक की इलाज के अभाव में जान चली गई। गंभीर हालत में सरधना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लाए गए 28 वर्षीय गुल मोहम्मद को बेहतर इलाज के लिए रेफर तो कर दिया गया, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। करीब दो घंटे तक वह सीएचसी में मदद का इंतजार करता रहा और आखिरकार उसकी मौत हो गई।

परिजनों के अनुसार, शामली जिले के झाल गांव निवासी गुल मोहम्मद शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे मोपेड से मेरठ के लिए निकले थे। बुबकपुर के पास हाईवे पर एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोपेड को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके से गुजर रहे लोगों ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सरधना सीएचसी पहुंचाया।

सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गुल मोहम्मद की हालत नाजुक बताते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। अस्पताल रिकॉर्ड के मुताबिक, गुल मोहम्मद को शाम 5:22 बजे भर्ती किया गया था और रात 7:45 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती, तो गुल मोहम्मद की जान बच सकती थी। अस्पताल परिसर में उनकी पत्नी तरन्नुम अपने दो वर्षीय बेटे अयान को गोद में लेकर बेसुध हालत में बैठी रही। गुल मोहम्मद फेरी लगाकर कपड़े बेचकर परिवार का गुजारा करता था और जल्द ही रोजगार के सिलसिले में राजस्थान जाने की तैयारी में था।

सीएचसी की सफाई
ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. शशिकांत ने बताया कि मरीज को रेफर करने के तुरंत बाद एंबुलेंस के लिए कंट्रोल रूम से संपर्क किया गया, लेकिन बार-बार कॉल करने पर यही जवाब मिला कि जिले की सभी एंबुलेंस व्यस्त हैं। समय पर वाहन न मिलने के कारण मरीज को हायर सेंटर नहीं भेजा जा सका।