मेरठ। गंगानगर की एक युवती और लिसाड़ीगेट निवासी साहिल उर्फ शाहवेज राणा के विवाह को लेकर पैदा हुआ विवाद शुक्रवार को भी चर्चा का केंद्र बना रहा। प्रस्तावित शादी स्थल मवाना रोड स्थित पैराडाइज मंडप में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने दोपहर तीन बजे महापंचायत बुलाने की घोषणा की थी। हालांकि, एहतियातन पुलिस ने मंडप को बंद करा दिया और परिसर पर ताला लगवा दिया।
दोपहर करीब 12 बजे से संगठन से जुड़े कार्यकर्ता स्थल के बाहर जुटने लगे। संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी धर्मेंद्र मलिक समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और कहा कि यदि मंडप नहीं खोला गया तो सभा बाहर ही की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और मंडप प्रबंधन ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी, फिर भी तय समय पर महापंचायत करने की बात दोहराई।
स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। दो थानों की पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी मौके पर लगाए गए। वहीं, गंगानगर स्थित युवती के घर के बाहर भी पुलिस की तैनाती की गई है और खुफिया विभाग की टीमें हालात पर नजर रखे हुए हैं।
इस बीच संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही और एक अन्य पदाधिकारी को एहतियातन उनके आवास पर नजरबंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि विवाद के चलते मंडप प्रबंधन ने पहले से हुई बुकिंग रद्द कर दी थी, जिसके बाद महापंचायत का ऐलान किया गया।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में रहा। सचिन सिरोही ने गुरुवार को लाइव प्रसारण के जरिए समर्थकों से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। वहीं, युवती के मंगेतर शाहवेज राणा की ओर से टिप्पणी करते हुए अपील की गई कि उन्हें विवाह करने दिया जाए।
युवती के एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि युवक का मकसद संपत्ति से जुड़ा हो सकता है और उन्होंने इस विवाह का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि परिवार इस निर्णय से सहमत नहीं है।
दूसरी ओर, विभिन्न जिलों से कुछ संगठनों के सदस्य भी मेरठ पहुंचे और उन्होंने अंतर्जातीय विवाह का विरोध दर्ज कराया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था कायम रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।