मुरादाबाद जिले के छजलैट क्षेत्र में सर्दी से राहत पाने के लिए जलायी गई अंगीठी एक परिवार के लिए भयावह हादसे का कारण बन गई। बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे परिवार के दो नन्हे बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि माता-पिता और एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से बीमार हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।
रमपुरा गांव निवासी जावेद उर्फ पप्पू (35) मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग पर छजलैट के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक चाय की दुकान चलाते हैं। उनका घर दुकान से कुछ ही दूरी पर स्थित है। गुरुवार रात करीब 11 बजे जावेद अपनी पत्नी शाहिस्ता (32) और तीन बच्चों—शिफान (6), आहिल (4) और आयरा (3)—के साथ एक कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए।
रात के दौरान अंगीठी से निकलने वाली जहरीली गैस कमरे में भरती चली गई, जिससे सभी को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे तक जब परिवार के लोग नहीं जागे, तो पास के कमरे में सो रहे भतीजे आमिर खान और साले सलाउद्दीन ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर बाद जावेद ने किसी तरह दरवाजा खोला, लेकिन वह भी अचेत अवस्था में था।
कमरे के अंदर शाहिस्ता और तीनों बच्चे बेहोशी की हालत में पड़े मिले। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और सभी को तुरंत छजलैट के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने आहिल और आयरा को मृत घोषित कर दिया। बड़े बेटे शिफान, जावेद और शाहिस्ता को इलाज के बाद होश आया और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
सूचना मिलने पर एएसपी अभिनव द्विवेदी और छजलैट पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। हादसे से परिवार पूरी तरह टूट गया और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। परिजनों ने लिखित रूप से दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिए गए।