मुजफ्फरनगर में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के संयुक्त कार्यक्रम के दौरान भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन ने महिला आरक्षण बिल और पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम के दौरान सदस्यता अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

मीडिया से बातचीत करते हुए विनय रतन ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर नहीं है और उसकी नीतियां पुरुष-प्रधान सोच को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अन्य विधेयकों को तुरंत पारित कर सकती है, तो महिला आरक्षण बिल को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करते हुए उसमें एससी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग प्रावधान की आवश्यकता बताई।


पश्चिम बंगाल में मतदान प्रतिशत को लेकर भी विनय रतन ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक मतदान सामान्य परिस्थितियों में असामान्य लगता है और इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने आशंका जताई कि इसमें दबाव या अनियमितताओं की संभावना हो सकती है।

प्रधानमंत्री को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व का ध्यान पूरे देश की समस्याओं पर होना चाहिए, न कि किसी एक राज्य तक सीमित रहना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका भी व्यक्त की।

विनय रतन ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी दावा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और बिना उनके सहयोग के सरकार बनना संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए, अन्यथा उनकी पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।