मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र में कथित धर्मांतरण मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी और हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है।
नवीन राठी ने नरेंद्र पंवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें संयम बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर बयानबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। राठी ने यह भी कहा कि सभी को मिलकर शांति बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब भोपा क्षेत्र में कथित धर्मांतरण मामले में जेल भेजे गए भाकियू से जुड़े एक पदाधिकारी के समर्थन में संगठन ने धरना-प्रदर्शन की घोषणा की। इसी दौरान हिंदू संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी देहात से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में भाकियू पर सवाल उठाए थे।

नरेंद्र पंवार ने बातचीत के दौरान टाउन हॉल में हुए एक पुराने विवाद का उल्लेख करते हुए भाकियू नेतृत्व पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे मामलों से दूरी बनाए रखनी चाहिए, अन्यथा स्थिति फिर से टकराव वाली बन सकती है।
इस पर पलटवार करते हुए नवीन राठी ने कहा कि टाउन हॉल मामले के समय वे लोग मौके पर मौजूद नहीं थे और बाद में पंचायत की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी के पास साहस था तो उसी समय सामने आकर बात करनी चाहिए थी। राठी ने दोहराया कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं और इन्हें टालना चाहिए।