मुजफ्फरनगर। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अरहर (तुअर) दाल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर प्रभावी एवं व्यापक सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश के विभिन्न राज्यों की मंडियों में अरहर दाल MSP से नीचे बिक रही है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि लागत बढ़ने के बावजूद यदि किसानों को घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य भी प्राप्त नहीं होता है, तो यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। सरकार ने आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के तहत अरहर (तुअर), उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत उपज सीधे किसानों से MSP पर खरीदने की घोषणा की थी, लेकिन जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही है।
किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बाजार में आयातित दाल की अधिक उपलब्धता, सरकारी खरीद केंद्रों की सीमित व्यवस्था तथा स्थानीय स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप के अभाव के कारण मंडियों में भाव MSP से नीचे चले गए हैं। इससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार ने तुअर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद को मंजूरी दी है, लेकिन खरीद केंद्र केवल उन्हीं जिलों या स्थानों पर खोले जा रहे हैं, जहां ई-समृद्धि पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण पर्याप्त है। बालियान ने कहा कि सभी जनपदों की सहकारी समितियों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि प्रत्येक जिले के किसान अपनी उपज MSP पर बेच सकें।
उन्होंने मांग की कि NAFED एवं अन्य संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर अधिकाधिक खरीद केंद्र स्थापित किए जाएं। साथ ही आयात नीति की समीक्षा कर घरेलू किसानों के हितों की रक्षा की जाए और मूल्य स्थिरीकरण कोष के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप कर किसानों को अविलंब राहत प्रदान की जाए।
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम उठाए गए तो किसानों को उचित मूल्य मिलेगा, दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। संगठन ने किसानों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की है।