मुजफ्फरनगर। नई मंडी थाना पुलिस ने हनी ट्रैप के एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह लोगों को झूठे दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों में फंसाकर बाद में समझौते के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि रथेड़ी गांव निवासी मोहम्मद दिलशाद की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया कि सरवट निवासी महिला वरजीना ने उसके पुत्र मोहम्मद सालिक और सैय्यद फैज के खिलाफ उत्तराखंड के सिडकुल थाना क्षेत्र में छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद समझौते के नाम पर करीब 10 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
मामले की जांच सीओ नई मंडी राजू कुमार साव को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने महिला वरजीना के साथ उसके साथी आफताब, रियासत और साजिद को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी रथेड़ी गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह महिला के जरिए लोगों के खिलाफ दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगवाता था और बाद में समझौते का दबाव बनाकर उनसे बड़ी रकम वसूलता था। रकम मिलने के बाद महिला अदालत में अपने बयान बदल देती थी, जिससे मामलों में अंतिम रिपोर्ट लग जाती थी।
पुलिस के अनुसार अब तक ऐसे चार मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें इस गिरोह ने लोगों को हनी ट्रैप में फंसाया। बरामद दस्तावेजों से भारी रकम के लेनदेन के भी संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि गिरोह खासतौर पर गांवों में प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले लोगों को निशाना बनाता था, ताकि उन्हें ब्लैकमेल कर पैसा वसूला जा सके।
एसएसपी के मुताबिक गिरोह का एक सदस्य परवेज फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपित महिला की पहले तसव्वर नामक व्यक्ति से शादी हुई थी। बाद में उसने दूसरे व्यक्ति से संबंध बनाकर दूसरी शादी कर ली और फिलहाल परवेज नाम के युवक के साथ रह रही है, जिसे वह अपना पति बताती है। पुलिस महिला और उसके गिरोह के अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह रियासत के दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित ‘अंजल’ नामक होटल पर समझौते की बैठकों का आयोजन करता था। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद होटल के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।