मुजफ्फरनगर। पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खालापार थाना पुलिस की इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध असलहे, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। शुरुआती जांच में गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला होने की बात सामने आई है।

सूचना पर खंडहर में हुई घेराबंदी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने खालापार थाने में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि शुक्रवार देर रात मीनाक्षी चौक के पास चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक तहसील के पीछे स्थित एक खंडहर में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए इकट्ठा हुए हैं।


सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और दबिश देकर 10 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

भारी मात्रा में हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन .32 बोर पिस्टल, छह .315 बोर तमंचे और एक 12 बोर तमंचा बरामद किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस भी मिले हैं। मौके से 10 मोबाइल फोन और एक सीबीजेड मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है, जिनकी जांच की जा रही है।

पूछताछ में सप्लाई नेटवर्क का खुलासा

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल थे। उन्होंने बताया कि हथियार सिविल लाइन क्षेत्र के कच्ची सड़क निवासी उमर और छपार क्षेत्र के दतियाना निवासी तस्लीम से खरीदे जाते थे। पुलिस के अनुसार दोनों कथित सप्लायर फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं।

कई जिलों तक फैला था नेटवर्क

एसएसपी के मुताबिक यह गिरोह केवल मुजफ्फरनगर तक सीमित नहीं था, बल्कि शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद सहित कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। अब पुलिस गिरोह के आर्थिक नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है।

आर्म्स एक्ट में केस दर्ज

इस मामले में थाना खालापार में आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।


पुलिस टीम को मिला इनाम

इस सफल कार्रवाई पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। अधिकारियों ने इसे पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताते हुए अभियान जारी रखने की बात कही है।