जालौन। कानपुर-झांसी हाईवे पर शुक्रवार देर रात उस समय लंबा जाम लग गया जब मौरंग से भरा एक ओवरलोड डंपर अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। कानपुर की ओर जा रहे इस डंपर का गुल्ला टूट जाने से वाहन सड़क पर तिरछा हो गया और दोनों ओर का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
यह घटना रात करीब 12:30 बजे कानपुर देहात सीमा के पास दौलतपुर गांव के सामने हुई। देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम यमुना के नए पुल तक पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एनएचएआई और कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भारी लोड के कारण डंपर को क्रेन से हटाना संभव नहीं हो सका। बाद में बैकहो लोडर की मदद से वाहन को हटाया गया, जिसके बाद सुबह करीब 9 बजे यातायात सामान्य हो सका।
इस बीच करीब 14 किलोमीटर लंबा जाम दौलतपुर से लेकर उरई के हरकूपुर तक फैल गया। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और रोडवेज बसें भी कई घंटों तक फंसी रहीं। हालात बिगड़ने पर पुराने यमुना पुल से भी अस्थायी रूप से भारी वाहनों को निकाला गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही और निगरानी में ढिलाई के कारण ऐसी स्थिति बार-बार बन रही है। बीते 20 दिनों में यह 12वीं बार है जब इस मार्ग पर लंबा जाम लगा है।
कानपुर-झांसी हाईवे पर 56 साल पुराने यमुना पुल की मरम्मत कार्य के चलते भारी वाहनों का दबाव नए पुल पर बढ़ गया है, जिससे एक ही लेन से दोनों दिशाओं का ट्रैफिक संचालित हो रहा है और जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। यहां से रोजाना करीब 15 हजार वाहन गुजरते हैं।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर उत्तम सिंह के अनुसार, डंपर के खराब होने के कारण यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। वहीं कालपी कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी ने बताया कि वाहन कानपुर देहात क्षेत्र में खराब हुआ था।
यात्रियों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि सामान्य तौर पर कुछ घंटों का सफर पूरा करने में उन्हें पूरी रात लग गई। कानपुर से उरई आ रही एक बस की यात्री कांती ने बताया कि रात 10 बजे निकली बस सुबह 10 बजे उरई पहुंच सकी।
जाम का असर केवल मुख्य मार्ग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रेलवे ओवरब्रिज और आसपास की सड़कों पर भी लंबी कतारें लग गईं। जोल्हूपुर मोड़, हरकूपुर और अन्य मार्गों पर भी यातायात पूरी तरह चरमरा गया। यहां तक कि एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
स्थानीय लोगों ने पुलिस बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी न होने से समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है।