मुजफ्फरनगर। वर्ष 2005 में जिला पंचायत चुनाव के दौरान हुए बूथ विवाद और सरकारी कर्मचारी पर हमले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के जिलाध्यक्ष सहित चार आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों का पहले ही निधन हो चुका है।
जानकारी के अनुसार, मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव सोंटा में मतदान के दौरान बूथ पर कथित रूप से विवाद और हंगामा हुआ था। पुलिस ने उस समय बूथ लूटने, सरकारी कर्मचारी से मारपीट करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।
इस प्रकरण में रालोद के जिलाध्यक्ष संजय राठी समेत जितेंद्र सिंह, कालूराम, देवेंद्र और ओमकार सिंह तथा यशपाल राठी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
लंबी सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए संजय राठी, देवेंद्र, जितेंद्र और कालूराम को बरी कर दिया। जबकि इस मामले में नामजद यशपाल राठी और ओमकार सिंह का पहले ही निधन हो चुका है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रवण कुमार ने बताया कि अदालत ने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय सुनाया है।