मुजफ्फरनगर की गांधी कॉलोनी में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और लगातार हो रहे हमलों से परेशान लोगों ने अब खुद ही पहल करते हुए समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है। स्थानीय निवासियों ने एक एनजीओ के सहयोग से स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू किया है, ताकि कुत्तों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण पाया जा सके और इलाके में सुरक्षा का माहौल बन सके।
शुक्रवार से शुरू हुए इस अभियान के तहत अर्जुन फाउंडेशन की टीम ने गांधी कॉलोनी से करीब 10 आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और वैक्सीनेशन के लिए भेजा। इन कुत्तों को विशेष एनिमल एंबुलेंस के जरिए निर्धारित केंद्र तक ले जाया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें दोबारा उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
संस्था से जुड़े डॉ. संदीप अरोरा ने बताया कि उनकी टीम पिछले एक साल से जिले में सक्रिय है और अब तक लगभग 200 कुत्तों की नसबंदी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि रोजाना औसतन 10 कुत्तों को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पूरे इलाके के कुत्तों को कवर नहीं कर लिया जाता।
उन्होंने यह भी बताया कि नियमों के अनुसार किसी भी आवारा जानवर को उसके मूल स्थान से हटाया नहीं जा सकता, इसलिए नसबंदी और टीकाकरण ही ऐसी समस्या का व्यावहारिक और मानवीय समाधान है। संस्था घायल और बीमार पशुओं के इलाज में भी सहयोग करती है और जरूरत पड़ने पर सरकारी व निजी अस्पतालों से मदद लेती है।

गांधी कॉलोनी हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष पवन छाबड़ा के मुताबिक, हाल के दिनों में कुत्तों और बंदरों के हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे लोग चिंतित हैं। कई बार प्रशासन से शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई न होने पर अब स्थानीय स्तर पर यह कदम उठाया गया है।
निवासियों का मानना है कि यह अभियान न सिर्फ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि जानवरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित और संतुलित माहौल भी प्रदान करेगा।