मुजफ्फरनगर। शहर के प्रकाश चौक स्थित रूप फर्नीचर पर राज्य जीएसटी विभाग ने छापेमारी कर कर संबंधी अनियमितताओं का खुलासा किया है। जांच के दौरान विभागीय टीम को करीब 10 लाख रुपये के स्टॉक में अंतर मिला, जिसके आधार पर लगभग ढाई लाख रुपये की जीएसटी राशि जुर्माने सहित जमा कराई गई।
जानकारी के अनुसार, फर्म पर आरोप है कि वह ग्राहकों से जीएसटी वसूल रही थी, लेकिन पक्के बिल की जगह कच्ची पर्ची पर सामान बेच रही थी। हाल ही में एक ग्राहक ने कुर्सियां और अन्य फर्नीचर खरीदने के बाद इस अनियमितता की शिकायत राज्य जीएसटी विभाग से की थी। शिकायत के बाद एसआईबी विंग ने कार्रवाई शुरू की।
संयुक्त आयुक्त सिद्धेश दीक्षित के निर्देश पर उपायुक्त मनोज शुक्ला के नेतृत्व में टीम शनिवार शाम शोरूम पर पहुंची। मौके पर जांच के दौरान कई कच्ची पर्चियां और दस्तावेज मिले। रिकॉर्ड के मिलान में स्टॉक और बिलों में लगभग 10 लाख रुपये का अंतर पाया गया। इसके आधार पर विभाग ने करीब ढाई लाख रुपये की कर एवं जुर्माना राशि निर्धारित की। संचालकों ने मौके पर ही दो लाख रुपये जमा करा दिए।
उपायुक्त मनोज शुक्ला ने बताया कि आवश्यक दस्तावेज कब्जे में लेकर विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फर्म केवल ट्रेडिंग का कार्य करती है, जबकि वहां से फर्नीचर निर्माण से जुड़ी कंपनियों के दस्तावेज भी मिले हैं। माल की खरीद-फरोख्त की पूरी श्रृंखला की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जुर्माने की राशि में बढ़ोतरी भी संभव है।