मुज़फ़्फ़रनगर। एसएसपी कार्यालय पर शिकायती पत्र देकर पीड़ित पिता ने एसएसपी विनीत जायसवाल से बेटी के इंसाफ तथा जानमाल की सुरक्षा को लेकर लगाई गुहार। पीड़ित पिता ने बताया कि पुत्री सायमा की शादी वर्ष 2017 में कोतवाली क्षेत्र के किदवई नगर अफसर पुत्र इकबाल के साथ मुस्लिम रीति - रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही सायमा के ससुराल वाले अफसर पुत्र इकबाल, सास रुखसाना, जेठ वाजिद जेठानी रिहाना तथा इरशाद जो पड़ोस में ही रहता है, शादी में दिए गए देहज से खुश नहीं थे, और अतिरिक्त दहेज के रूप में बुलेट मोटरसाइकिल की मांग करते थे तथा मना करने पर सायमा को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
उन्होंने बताया कि दिनांक 30 जुलाई 2022 की रात को आरोपी ससुरालजनों ने बुलट मोटरसाइकिल की मांग पूरी ना होने पर सायमा के साथ मारपीट की और जान से मारने की नियत से सायमा के गले में फांसी का फंदा डालकर लटका दिया था। और सायमा को मृत मानकर दिखाने के लिए डिवाइन अस्पताल में दाखिल किया था। जहां वह वेंटिलेटर पर थी। पीड़िता की हालत गंभीर मानते डिवाइन हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने मेरठ के लिए रेफर कर दिया जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पीड़ित परिजनों ने अवगत कराया कि इस घटना के संबंध में थाना नगर कोतवाली में विभिन्न धाराओं जैसे मु.अ. स.447/2022 थाना कोतवाली अ. धारा - 498 ए , 323 , 504 , 307 , 34 आई.पी.सी. व 3/4 देहज अधि.आदि में मुकदमा दर्ज है। जिसमें केवल अभियुक्त अफसर अली पेश हुआ। जिसकी जमानत जिला सत्र न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई। लेकिन उक्त अपराध के विशेष अभियुक्त रुखसाना, वाजिद, रिहाना व इरशाद खुलेआम घूम रहे हैं। तथा थाने के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन पुलिस द्वारा उनको गिरफ्तार नहीं किया गया है। जिस कारण उनके हौसले बुलंद है। यह लोग लगातार पीड़ित को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। और फैसले का दबाव बना रहे हैं।