मुजफ्फरनगर में बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर उस समय माहौल गरमा गया जब हिंदू संगठनों से जुड़े युवाओं ने नगर पालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी नगर पालिका पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा रहे थे।

प्रदर्शन का नेतृत्व शिवसेना के युवा जिलाध्यक्ष शैंकी शर्मा ने किया, जिनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। आरोप है कि नगर पालिका ने जिलाधिकारी आवास के सामने स्थित कूड़ाघर को छिपाने के लिए एक ऐसा ढांचा तैयार कराया, जिसे मंदिर जैसा स्वरूप दिया गया है और उसे भगवा रंग से सजाया गया है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस ढांचे पर घंटा, घड़ियाल और स्वास्तिक जैसे धार्मिक प्रतीक भी बनाए गए हैं। उनका आरोप है कि जिस स्थान को इस तरह धार्मिक रूप दिया गया है, वहीं पर कचरा और गंदगी का निस्तारण होता है, जिससे उनकी भावनाएं आहत हो रही हैं।


शैंकी शर्मा ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि पवित्र प्रतीकों का इस तरह इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

नगर पालिका की ओर से इस मामले में गलती मानते हुए सुधार का आश्वासन दिया गया है।

बताया जा रहा है कि यह ढांचा हाल ही में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कूड़ाघर को ढकने के लिए बनाया गया था, जो बाद में वहीं स्थायी रूप से खड़ा रह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जगह पर रोजाना कचरा डाला जा रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।