उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादला नियमों को लेकर एक बार फिर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन ने कहा है कि पति-पत्नी दोनों के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक होने की स्थिति में अब स्थानांतरण केवल उसी शिक्षक के आवेदन पर किया जाएगा, जिसने स्वयं ट्रांसफर के लिए आवेदन किया हो। दूसरे पति या पत्नी का तबादला स्वतः नहीं माना जाएगा। यह कदम उन मामलों के चलते उठाया गया है, जिनमें आवेदन करने के बाद बाद में उन्हें वापस ले लिया जाता था, जिससे प्रक्रिया प्रभावित होती थी।

शासन के अनुसार, पहले से जारी 4 जून के निर्देशों में शिक्षकों के तबादलों को लेकर कई श्रेणियां तय की गई थीं। इनमें शिक्षक या उनके जीवनसाथी तथा अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने, गंभीर बीमारी जैसे कैंसर या डायलिसिस की स्थिति में तबादले के आवेदन पर प्राथमिकता से विचार किए जाने का प्रावधान शामिल है।

इसके अलावा यदि पति और पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत हैं, तो ऐसे मामलों में छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए उन जिलों में स्थानांतरण की अनुमति दी जा सकती है जहां शिक्षकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इन स्थितियों में दोनों में से किसी एक शिक्षक का तबादला किया जा सकेगा।

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि असाधारण परिस्थितियों में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से भी स्थानांतरण किया जा सकता है। नए स्पष्टीकरण के बाद तबादला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।