शाहजहांपुर। भूमि बंटवारे को लेकर भाइयों के बीच बढ़े विवाद का मामला रविवार को हिंसक रूप ले लिया। महाशिवरात्रि पर गोगेपुर जल चढ़ाने जा रहे प्रशांत सिंह और उनके चाचा वीरेश को उनके ही भाइयों और पिता ने रोक लिया। विवाद बढ़ने पर वीरेश को खेत की ओर दौड़ाते हुए गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस झड़प में कुल पांच लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
घटना का सिलसिला
खमरिया गांव निवासी प्रशांत सिंह, जो साउथ सिटी कालोनी में रहते हैं, जमौर में मिनी फ्लोर मिल चलाते हैं। यह मिल वे अपने चाचा वीरेश के साथ संचालित कर रहे थे। प्रशांत के चार भाइयों ने मिल में हिस्सेदारी की मांग की, जिससे विवाद चल रहा था। रविवार शाम प्रशांत और वीरेश गोगेपुर जल चढ़ाने के लिए निकले।
खमरिया गांव के पास पहुंचे तो भाइयों में से प्रदीप ने थार गाड़ी से उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया। वीरेश ने शांत करने की कोशिश की, लेकिन प्रशांत के पिता अवधेश और भाई सुरजीत, संजीत स्कॉर्पियो लेकर मौके पर पहुंचे और रास्ता रोक दिया। दोनों पक्षों में लोहे की रॉड और डंडों से भी मारपीट हुई।
वीरेश ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों ने उन्हें खेत की ओर दौड़ाया और तमंचे से गोली मार दी। घटना में प्रशांत, रामरहीस, नत्थू, संजीत और सुरजीत घायल हुए।
भूमि विवाद का कारण
प्रशांत के अनुसार, दिल्ली में काम करते समय पिता और भाइयों के नाम से खरीदी गई 45 बीघा जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ। प्रशांत ने जमौर में खरीदे गए प्लाट का हिस्सा फ्लोर मिल के लिए इस्तेमाल किया था और बाकी हिस्सा किराए पर दिया। इसके बाद उनके अविवाहित चाचा वीरेश के साथ विवाद और बढ़ गया।
पिता अवधेश ने बताया कि प्रशांत ने जमौर में प्लाट अपने नाम करवा लिया था, जिसके चलते दोनों पक्षों में रास्ते में झड़प हुई। घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने और अन्य बेटे स्कॉर्पियो लेकर पहुंचे और दोनों तरफ से फायरिंग हुई।
पुलिस ने घटनास्थल से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है और घायलों का उपचार जारी है। मामले की जांच की जा रही है।