लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किराएदार और मकान मालिकों के बीच होने वाले रेंट एग्रीमेंट और परिवार के सदस्यों में संपत्ति हस्तांतरण को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को भी परिवार के सदस्यों के नाम केवल 5,000 रुपये के स्टांप शुल्क पर ट्रांसफर किया जा सकेगा। इस पर 1 प्रतिशत निबंधन शुल्क भी देना होगा। यह व्यवस्था तीन पीढ़ियों से अधिक पारंपरिक वंशजों के बीच लागू होगी।

कैबिनेट के इस फैसले से न सिर्फ परिवार के भीतर संपत्ति विवादों में कमी आएगी, बल्कि मकान मालिक और किराएदार के बीच होने वाले मन-मुटाव भी खत्म होंगे।

किराया रजिस्ट्रेशन हुआ आसान और सस्ता

स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि रेंट एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अब अधिक सरल और किफायती हो गई है। स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। नई दरों के अनुसार विभिन्न किराया अवधि और वार्षिक किराया श्रेणियों में शुल्क पहले के मुकाबले काफी कम कर दिया गया है। इससे आम नागरिक आसानी से अपने रेंट एग्रीमेंट का पंजीकरण करा सकेंगे।

औद्योगिक व व्यावसायिक संपत्तियों में भी सुविधा

इससे पहले 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना में केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों को परिवार के सदस्यों में 5,000 रुपये स्टांप पर ट्रांसफर करने की सुविधा दी गई थी। अब मुख्यमंत्री योगी ने औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों पर भी यही सुविधा लागू कर दी है।

सीएम ने बताया कि इससे परिवारों के बीच संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली होगी। इससे पहले यदि कोई संपत्ति परिवार में ट्रांसफर करता था तो शहरों में 7 प्रतिशत और गांवों में 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना पड़ता था। अब यह शुल्क केवल 5,000 रुपये पर निश्चित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा अधिसूचना जारी होने की तारीख से प्रभावी होगी और इसके बाद अपनों के बीच संपत्ति का बंटवारा बेहद आसान और किफायती तरीके से किया जा सकेगा।