सहारनपुर के अंबेहटा क्षेत्र में चार दिन पहले हुए पूनम मित्तल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह वारदात सुनियोजित लूट की योजना का हिस्सा थी, जिसे पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि कर्ज के दबाव और ऑनलाइन सट्टेबाजी में हुए नुकसान को पूरा करने के लिए इस अपराध की साजिश रची गई थी। घटना के दौरान महिला द्वारा आरोपियों की पहचान हो जाने पर उसकी हत्या कर दी गई।
कर्ज के दबाव में बनी लूट की साजिश
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी अंकुर गुप्ता अपने साथी सलमान के साथ मिलकर इस वारदात में शामिल था। अंकुर पर सलमान का लाखों रुपये का कर्ज था और ऑनलाइन सट्टेबाजी में भारी नुकसान के चलते वह आर्थिक संकट में था। इसी दबाव में दोनों ने मिलकर एक कारोबारी के घर लूट की योजना बनाई।
गेंद गिरने का बहाना बनाकर घर में घुसे आरोपी
जांच के अनुसार घटना वाले दिन अंकुर ने पूनम मित्तल को फोन कर यह कहा कि उनके घर में गेंद गिर गई है, जिसके बाद दरवाजा खोलने का अनुरोध किया गया। जैसे ही दरवाजा खुला, दोनों आरोपी चेहरे ढककर घर के अंदर प्रवेश कर गए। इसी दौरान पूनम मित्तल ने उनकी आवाज और व्यवहार से अंकुर को पहचान लिया, जिससे आरोपियों को पकड़े जाने का डर सताने लगा।
पहचान होते ही की गई हत्या
पुलिस के अनुसार, पहचान उजागर होने के डर से अंकुर ने महिला को पकड़ लिया, जबकि सलमान ने चाकू से उनके गले पर कई वार किए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से जेवरात लेकर फरार हो गए।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
पुलिस ने बृहस्पतिवार को मुख्य आरोपी अंकुर गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसके साथी सलमान को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया गया। मुठभेड़ में सलमान के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आपराधिक इतिहास भी आया सामने
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अंकुर के खिलाफ पहले भी मारपीट और चोरी के मामले दर्ज हैं, जबकि सलमान पर भी आपराधिक मामले लंबित हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, अवैध हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।