सहारनपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने तीतरों थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर शिकायतकर्ता से उसके खिलाफ दिए गए प्रार्थना पत्र के निस्तारण के बदले 10 हजार रुपये मांगने का आरोप है।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, असावगढ़ निवासी मुकेश कुमार ने एंटी करप्शन संगठन को शिकायत दी थी कि तीतरों थाने में तैनात उपनिरीक्षक देशपाल सिंह उसके खिलाफ एसएसपी कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के निस्तारण के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की योजना तैयार की।
जाल बिछाकर रंगे हाथ गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार निवारण संगठन सहारनपुर मंडल के निरीक्षक कुशलवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने बृहस्पतिवार को तीतरों थाने के बाहर जाल बिछाया। दोपहर करीब 12:27 बजे जैसे ही उपनिरीक्षक ने 10 हजार रुपये की राशि ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
सरकारी आवास में रहता था आरोपी
गिरफ्तार उपनिरीक्षक देशपाल सिंह मूल रूप से बागपत जिले के काकोर गांव का रहने वाला है। वह वर्तमान में तीतरों थाने में तैनात था और थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में रह रहा था।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज
कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ नानौता थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
एंटी करप्शन टीम ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी रिश्वतखोरी की घटना सामने आए तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।