यूपी: प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू हुए “स्कूल चलो अभियान” को लगातार सफलता मिल रही है। अभियान के पहले चरण में 20 अप्रैल तक 8 लाख 79 हजार से अधिक नए बच्चों का नामांकन किया जा चुका है। यह अभियान 19 मई तक जारी रहेगा।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
इस अभियान के तहत उन बच्चों की पहचान की जा रही है जो स्कूल से बाहर हैं, और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए 1.32 लाख से अधिक विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प से जोड़ा गया है, जिससे स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं में बड़ा सुधार हुआ है।
स्कूलों में सुविधाओं में बड़ा बदलाव
वर्ष 2017-18 में जहां केवल 36 प्रतिशत स्कूल आधुनिक सुविधाओं से युक्त थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 96.30 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा 75 जिलों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों पर विशेष फोकस
वर्ष 2024-25 में सर्वे के दौरान 7.73 लाख आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान की गई। इनमें से 2.69 लाख बच्चों को सीधे कक्षा-1 में प्रवेश दिलाया गया, जबकि 5.04 लाख बच्चों को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा गया।
डीबीटी और मुफ्त सुविधाओं से शिक्षा को बढ़ावा
शिक्षा विभाग की ओर से हर साल 1.30 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी के लिए 1200 रुपये प्रति छात्र की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्रों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें और कार्य पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन योजनाओं के चलते प्रदेश में शिक्षा से जुड़े बच्चों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने में मदद मिल रही है।