समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी लगातार साजिशों में लगे हुए हैं और अब “नकली विरोध” की तस्वीर पेश करने की कोशिश की जा रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर एक तरह की “शूटिंग” कराई जा रही है। हालांकि उन्होंने इसमें शामिल युवाओं को दोषी नहीं ठहराया। उनका कहना था कि बढ़ती बेरोजगारी के कारण कई युवा मजबूरी में थोड़े पैसे की उम्मीद में ऐसे काम करने को तैयार हो जाते हैं।

बेरोजगारी को लेकर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले लोगों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जाता है और फिर उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें राजनीतिक मकसद के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि बंद कमरों में योजनाएं बनाने वाले लोग अपनी हरकतों के कारण इतिहास में नकारात्मक रूप से याद किए जाएंगे।

भाजपा हार स्वीकार नहीं कर पा रही – अखिलेश

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी अपनी राजनीतिक पराजय को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उनके मुताबिक, देश की बड़ी आबादी से बना पीडीए समाज यदि एकजुट होकर भाजपा की नीतियों के खिलाफ खड़ा हो गया तो भाजपा के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

पीडीए समाज के अपमान का लगाया आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की सोच वर्चस्ववादी है और वह पीडीए समाज के लोगों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करती रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से की गई टिप्पणी राजनीतिक नैतिकता के पतन का उदाहरण है।

भाजपा की रणनीति पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि जब भी पीडीए समाज के किसी व्यक्ति का अपमान होता है, तब उसकी एकजुटता और मजबूत हो जाती है। उनका दावा था कि भाजपा की रणनीति अपने ही दल में शामिल पीडीए समाज के नेताओं की राजनीतिक जमीन कमजोर करने की है।

उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पीडीए समाज ने भाजपा में शामिल ऐसे कई नेताओं को चुनाव में हराकर संदेश दे दिया था और आने वाले समय में यह एकजुटता और मजबूत होगी।