संभल। धनारी पट्टी बालू शंकर गांव में 12 दिन से लापता सात वर्षीय बालक अंशू का शव गुरुवार को गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर ग्राम प्रधान के खेत में पाया गया। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था, जिसे बच्चे के दादा ने कपड़ों से पहचान किया। गले में काले अंगोछे के लिपटे होने से संकेत मिलता है कि गला दबाकर हत्या की गई और शव प्लास्टिक के बोरे में डालकर खेत में फेंका गया। मौके पर कट्टे को घसीटने के निशान भी मिले।
बच्चे के घर से गायब होने का घटनाक्रम
अंशू, जो रोहित का बेटा और तीन बहनों में इकलौता भाई था, 15 फरवरी को सुबह 11 बजे घर के बाहर खेलते समय गायब हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बच्चे की तलाश में पूरे गांव और आसपास के खेतों में खोज की गई, ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
शव मिलने की जानकारी
गुरुवार को गांव प्रधान के गेहूं के खेत में काम कर रहे प्रेम सिंह ने पीले रंग का प्लास्टिक बोरा देखा। पास जाकर देखा तो उसमें अंशू का शव था। बोरे से बच्चे का चेहरा बाहर निकला हुआ था और खाल बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी। मौके पर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम पहुंची और जांच शुरू की।
अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह और सीओ डॉ. प्रदीप कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फॉरेंसिक टीम ने नमूने जुटाए और घटना स्थल की फोटो ग्राफी कराई। साथ ही पुलिस डॉग स्क्वॉड से भी जांच कराई गई, जिससे शव को उठाने और खेत तक घसीटने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
शक और जांच
मृतक के दादा चंद्रपाल ने पुलिस को तीन लोगों पर हत्या का शक जताया है। आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर बॉक्स एकत्र कर रही है।
एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया, "15 फरवरी से गायब बच्चे का शव गांव से एक किलोमीटर दूर मिला है। मामला पहले से दर्ज है और फील्ड यूनिट जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हत्या के कारण स्पष्ट होंगे। जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।"