शामली: कांधला थाना क्षेत्र में हुए मोनू कश्यप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए चौंकाने वाली कहानी सामने रखी है। जांच में पता चला है कि इस वारदात को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि उसके दो करीबी दोस्तों ने ही दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।

रेलवे ट्रैक के पास घायल मिला था युवक
जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल को गांव जसाला निवासी 25 वर्षीय मोनू कश्यप पंजोखरा के पास रेलवे लाइन के किनारे गंभीर हालत में मिला था। उसे तुरंत स्थानीय सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर मेरठ रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मृतक की मां ने उसके दोस्तों सचिन और शुभम पर शक जताते हुए तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

दोस्ती में दरार बनी हत्या की वजह
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और मोनू आपस में घनिष्ठ मित्र थे। मोनू के एक युवती से संबंध को लेकर दोनों आरोपियों में नाराजगी थी। वे उस युवती से बात करना चाहते थे, लेकिन मोनू इसके लिए तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर विवाद गहराता चला गया।

24 अप्रैल को आरोपियों ने मोनू को फोन कर रेलवे ट्रैक के पास बुलाया। वहां तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान फिर से उसी बात को लेकर बहस हुई, जो मारपीट में बदल गई। आरोपियों ने पहले मोनू की पिटाई की और फिर ट्रेन आते देख उसे पटरी पर धक्का दे दिया।

वारदात के बाद फरार, लोकेशन से पकड़े गए
घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए और कांधला क्षेत्र में अलग-अलग नलकूपों पर छिपे रहे। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय दोनों दिल्ली भागने की फिराक में थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी मजदूरी और बिजली फिटिंग का काम करते हैं।

समाज में फैला आक्रोश
मोनू की मौत के बाद कश्यप समाज में नाराजगी फैल गई थी। समाज के लोगों ने बैठक कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन की रणनीति बनाई थी और एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी। सोशल मीडिया पर भी लोगों से एकजुट होने की अपील की गई थी।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।