कोलकाता में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान जारी किए गए जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर दोबारा जांच की तैयारी शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, कोलकाता नगर निगम द्वारा उस अवधि में जारी किए गए दस्तावेजों में किसी प्रकार की त्रुटि, असंगति या अनियमितता की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि SIR के दौरान पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर में बड़ी संख्या में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन आए थे, जिनका निपटारा तेजी से किया गया था। अब इन्हीं प्रमाणपत्रों की सत्यता और प्रक्रिया की समीक्षा करने की बात सामने आ रही है।

बताया जा रहा है कि उस समय तत्कालीन प्रशासनिक निर्देशों के तहत आवेदकों को शीघ्र प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया था, जिसके चलते कुछ मामलों में दस्तावेजों की गहन जांच नहीं हो पाई। इसी कारण अब इन प्रमाणपत्रों की पुनः जांच की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कोलकाता नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग उन सभी प्रमाणपत्रों की जांच पर विचार कर रहा है, जिनका उपयोग मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान किया गया था। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में राज्य में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया था, जिसके माध्यम से प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं।

हालांकि, वर्तमान में इस पोर्टल पर कुछ पुरानी सेवाएं अस्थायी रूप से सीमित कर दी गई हैं। अब केवल नए जन्म और मृत्यु मामलों का पंजीकरण और प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं, जबकि पुराने रिकॉर्ड से जुड़े कुछ विकल्प फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।

प्रशासनिक सूत्र यह भी मानते हैं कि पुनः सत्यापन की प्रक्रिया के चलते यह अस्थायी बदलाव किया गया हो सकता है। फिलहाल कोलकाता नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।