शामली। गांव जसाला में युवक मोनू कश्यप की मौत का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। इस प्रकरण में कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहित कई लोगों के खिलाफ सड़क जाम करने और प्रदर्शन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में सांसद समेत कुल 7 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 20 से 25 अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि डीआईजी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम कर यातायात व्यवस्था बाधित की गई।
किन-किन पर दर्ज हुआ केस
एफआईआर के अनुसार जिन लोगों को नामजद किया गया है उनमें सांसद इकरा हसन के अलावा पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल शामिल हैं। यह मुकदमा उप निरीक्षक संजय कुमार शर्मा की तहरीर पर दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला
19 मई को सांसद इकरा हसन मोनू कश्यप की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पीड़ित परिवार के साथ सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
सांसद का कहना था कि उन्हें अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित परिवार निराश होकर वहां से लौट गया, जबकि सांसद ने भी नाराजगी जताई।
इसी बीच बड़ी संख्या में समर्थक डीआईजी कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए, जिससे वहां यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और जाम जैसी स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करते हुए सांसद इकरा हसन को हिरासत में लेकर महिला थाने भेजा गया था, हालांकि कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया।