हरदोई। राम नवमी के दिन सपा नेता यदुनंदन लाल वर्मा द्वारा भगवान श्रीराम, माता कौशल्या और 33 करोड़ देवी-देवताओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों ने जिले में हलचल मचा दी। यदुनंदन लाल ने मोहम्मद अली जिन्ना को देशभक्त बताते हुए पाकिस्तान बनाने के उनके फैसले को मजबूरी से जोड़ा, जिससे सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो गया और लोगों का गुस्सा भड़क उठा।

इस बयान के सामने आने के बाद हरपालपुर और आसपास के क्षेत्रों में लोग सड़कों पर उतर आए और सपा नेता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कई थानों में तहरीरें दी गईं और तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। हरपालपुर कोतवाली में उपनिरीक्षक विजय शंकर की तहरीर पर यदुनंदन लाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। देर शाम पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

यदुनंदन लाल वर्मा हरपालपुर के कनत्थूखेड़ा इलाके के निवासी हैं। राजनीतिक तौर पर सक्रिय, उन्होंने पहले विभिन्न दलों से जुड़कर राजनीतिक सफर किया है। 2008 में उन्होंने बिलग्राम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। पिछले कई वर्षों से वे समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं और महाविद्यालय भी संचालित कर रहे हैं।

स्थानीय सामाजिक संगठनों ने उनके बयान को धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए संवैधानिक अपराध की श्रेणी में आने वाला करार दिया। वीडियो वायरल होते ही विरोध प्रदर्शन तेज हो गए और हिन्दू संगठनों ने पूरे जिले में थानों में प्रदर्शन कर सपा नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सपा के जिलाध्यक्ष शराफत अली ने यदुनंदन लाल से दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि यदुनंदन लाल का पार्टी में कोई पद नहीं है और उनके बयान की कड़ी निंदा की जाती है। उन्होंने पुष्टि की कि पार्टी उन्हें निष्कासित कर रही है।