प्रयागराज: झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी है और अग्रिम जमानत की मांग की है। उनके वकील राजर्षि गुप्ता ने राज्य सरकार को नोटिस भेजा है।

इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित चार अन्य लोग शामिल हैं। रविवार को झूंसी पुलिस ने इन सभी के खिलाफ बच्चों के साथ कुकर्म के आरोपों में मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) के निर्देश के बाद की गई थी, जिन्होंने शनिवार को कहा था कि विवेचना निष्पक्ष, स्वतंत्र और शीघ्र होनी चाहिए।

मुकदमे की शुरुआत पीड़ितों की ओर से दाखिल याचिका से हुई थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि महाकुंभ के दौरान नाबालिग लड़कों के साथ यौन कुकर्म किया गया। कोर्ट ने बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस कमिश्नर को मामले की जांच करने के लिए निर्देश दिया और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

अदालत ने कहा कि पीड़ित बच्चों के कथन, स्वतंत्र साक्षियों के बयान और पुलिस जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि आरोप गंभीर हैं। इसमें लैंगिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप शामिल हैं, जो संज्ञेय अपराध के रूप में आते हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है और FIR को अवैध बताते हुए हाई कोर्ट में चुनौती पेश की है।