यूपी। शनिवार को भीषण गर्मी ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। उत्तर प्रदेश का बांदा जिला देश में सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अप्रैल महीने में अब तक का उच्चतम तापमान है, जो इससे पहले साल 2022 में भी यहीं रिकॉर्ड किया गया था। देश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर देखने को मिला—राजस्थान के बाड़मेर में 45.7 डिग्री, विदर्भ के अमरावती में 45.6 डिग्री, जबकि प्रयागराज 45.5 डिग्री के साथ चौथे और वाराणसी 45 डिग्री के साथ पांचवें स्थान पर रहा।

प्रदेशभर में तेज धूप और लू ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। अधिकतर जिलों में पारा 42 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है और शुष्क पछुआ हवाएं गर्मी को और बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन तक हालात ऐसे ही बने रह सकते हैं।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, प्रदेश में अधिकतम तापमान 45 डिग्री या उससे ऊपर पहुंचने की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को भी प्रयागराज में तापमान 45 डिग्री पार कर गया था, जबकि शनिवार को बांदा में 47.4 डिग्री दर्ज कर रिकॉर्ड स्तर छू लिया।

हालांकि, मौसम में जल्द बदलाव की संभावना भी जताई गई है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27-28 अप्रैल के आसपास पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू हो सकती है, जो धीरे-धीरे पूर्वी हिस्सों तक पहुंचेगी। इसके चलते तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है और लू से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मेरठ, आगरा, शाहजहांपुर, जालौन, बरेली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, हरदोई, बाराबंकी, अमेठी, बलिया, वाराणसी, गाजीपुर और प्रयागराज सहित कई जिलों में लू का असर बना रहेगा। कुछ स्थानों पर गर्म रातें (उष्ण रात्रि) भी दर्ज की जा सकती हैं।

इसी बीच भीषण गर्मी को देखते हुए माध्यमिक विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग उठी है। राजकीय शिक्षक संघ ने सरकार से अपील की है कि स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया जाए, ताकि छात्रों और शिक्षकों को लू के दौरान परेशानी न झेलनी पड़े। फिलहाल कई स्कूल सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 बजे तक चल रहे हैं, जिससे दोपहर की तेज गर्मी में घर लौटना मुश्किल हो रहा है।