पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। आयोग ने शनिवार को जानकारी दी कि 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। इस चरण में राज्य की कुल 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सभी 11 नए पर्यवेक्षक अन्य राज्यों से बुलाए गए हैं। इनकी जिम्मेदारी चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में मदद करना है।
सुरक्षा पर विशेष जोर
अधिकारियों के मुताबिक, आयोग इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी या तनाव की स्थिति से बचने के लिए बेहद सतर्क है। एक अधिकारी ने बताया कि पहले चरण के मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बावजूद कुछ जगहों पर हल्की हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में दूसरे चरण में ऐसी किसी भी स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
नए पर्यवेक्षकों की तैनाती के बाद राज्य में कुल पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है, जबकि पहले यह संख्या 84 थी। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बाहर से आए अधिकारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस को सौंपी गई है।
पांच पुलिस अधिकारी निलंबित
इसी बीच, चुनाव आयोग ने लापरवाही के आरोप में बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
निलंबित अधिकारियों में एडिशनल एसपी संदीप गराई, एसडीपीओ सजल मंडल, डायमंड हार्बर थाने की आईसी मौसम चक्रवर्ती, फालता थाने के आईसी अजय बाग और उस्थी थाने के ओसी साधना बाग शामिल हैं। इसके अलावा, डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक ईशानी पाल को भी आयोग ने सख्त चेतावनी दी है।
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरे चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना प्राथमिकता है।