राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान स्वयंसेवकों को संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संदेश दिया। उन्होंने शाखाओं के विस्तार और समाज सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। अपने दौरे के समापन के बाद वह मंगलवार को दिल्ली से रवाना हो गए।

इस दौरान मोहन भागवत ने रविवार को आयोजित 20 दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में भी हिस्सा लिया। उन्होंने संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा की और आगामी योजनाओं की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

संघ प्रमुख ने कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य एक बेहतर और संगठित समाज का निर्माण करना है, जिसे समर्पित और प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर स्वयंसेवकों को बौद्धिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं।

उन्होंने समाज में समरसता बढ़ाने और भेदभाव को समाप्त करने के प्रयासों पर जोर देते हुए संगठित समाज के निर्माण की दिशा में काम करने का संदेश दिया। साथ ही कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अभियान और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों पर चल रहे कार्यक्रमों की भी समीक्षा की।