लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेश के बड़े दावे करने वाली पुच एआई कंपनी के साथ 23 मार्च 2026 को साइन किए गए एमओयू को रद्द कर दिया है। इन्वेस्ट यूपी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विस्तृत समीक्षा और तय मानकों पर न खरे उतरने के कारण यह कदम उठाया गया। अब एमओयू रद्द होने के बाद दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार के अधिकार या दायित्व शेष नहीं रहेंगे।

कंपनी की वित्तीय स्थिति पर उठे सवाल
बयान में बताया गया कि राज्य सरकार के प्रोटोकॉल के तहत एमओयू की समीक्षा की गई थी। इस दौरान कंपनी से सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी मांगी गई, लेकिन समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि प्रस्तावित परियोजना के अनुरूप कंपनी की नेटवर्थ पर्याप्त नहीं थी और उसके वित्तीय स्रोत विश्वसनीय नहीं पाए गए।

दस्तावेजों की कमी से बढ़ा विवाद
इस परियोजना को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके थे। विपक्ष ने 25,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश पर गंभीर आपत्तियां जताई थीं और कंपनी की साख पर संदेह व्यक्त किया था। मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया था कि पुच एआई ने अब तक निवेश और वित्तीय क्षमता को साबित करने वाले ठोस दस्तावेज नहीं पेश किए थे। इन्वेस्ट यूपी ने कंपनी से स्पष्टीकरण भी मांगा था।

इन्वेस्ट यूपी का बयान
सरकार ने अपने बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता और सुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। इन्वेस्ट यूपी ने दोहराया कि राज्य में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन केवल उन्हीं परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा जो सभी मानकों पर खरी उतरें और जिनकी वित्तीय स्थिति भरोसेमंद हो।

विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ इस कदम को उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश नीतियों में सख्ती और जवाबदेही का संकेत मान रहे हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में केवल योग्य और सक्षम निवेशकों को ही प्राथमिकता देना है।