लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने कर्मचारियों और अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को तेज करने की कवायद शुरू कर दी है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) की कार्यवाही मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाए।
पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी के निर्देश
मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए आदेश में कहा है कि समय पर प्रमोशन न होने से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है और इसका असर सरकारी कामकाज पर भी पड़ता है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले पदों का अधियाचन जल्द से जल्द भेजा जाए, ताकि भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया में देरी न हो।
चयन वर्ष को लेकर समयसीमा तय
प्रतिस्थापन नियमावली-2026 का हवाला देते हुए बताया गया है कि चयन वर्ष 1 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित है। इस अवधि में भरे जाने वाले पदों की गणना 30 जून तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी तरह चयन वर्ष 2027 के लिए रिक्तियों का आकलन जनवरी 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा और 15 जनवरी तक पदोन्नति की प्रक्रिया संपन्न करने पर जोर दिया गया है।
विभागीय समितियों को समय पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि जिन पदों की डीपीसी उनकी अध्यक्षता में होनी है, उनकी प्रक्रिया कार्मिक विभाग के माध्यम से जून के पहले सप्ताह तक पूरी कर ली जाए।
वहीं, जिन पदों पर चयन लोक सेवा आयोग के जरिए होना है, उनके लिए अधियाचन समय से भेजने और प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस विभाग में भी संभावित लाभ
इस कदम के बाद पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर से डिप्टी एसपी और पीपीएस से आईपीएस स्तर तक की पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अधिकारियों को राहत मिल सकती है।