राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने औपचारिक रूप से सपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके सपा में शामिल होने की चर्चा पहले से चल रही थी, जिस पर आज आधिकारिक मुहर लग गई।
सिद्दीकी इससे पहले बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और संगठन में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान तीन महिला नेताओं सहित कुल सात नेताओं ने सपा का दामन थामा।
पश्चिमी यूपी में मजबूत पकड़
प्रदेश की राजनीति में नसीमुद्दीन सिद्दीकी को अनुभवी और प्रभावशाली नेता माना जाता है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत बताई जाती है। पूर्व में कांग्रेस से अलग होने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब विराम लग गया है।
सपा को मिला प्रमुख मुस्लिम चेहरा
सिद्दीकी के शामिल होने से सपा को एक अहम मुस्लिम नेतृत्व चेहरा मिला है। वरिष्ठ नेता आजम खान के लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद पार्टी को जमीनी स्तर पर प्रभाव रखने वाले चेहरे की जरूरत महसूस की जा रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्दीकी की एंट्री से पार्टी को संगठनात्मक और सामाजिक समीकरणों में फायदा मिल सकता है।