लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों के दौरान वार्डवार परिसीमन के बाद ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों की संख्या दर्ज करने में कई जिलों से त्रुटियां सामने आई हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग ने पाया कि आयोग के पोर्टल पर फीड किए गए आंकड़ों और पंचायती राज विभाग की आधिकारिक सूची में अंतर है। इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए आयोग ने सभी जिलों को सुधार के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संख्या को पोर्टल पर दर्ज करने से पहले विभागीय सूची से मिलान करना अनिवार्य है।

प्रदेश में पंचायत चुनाव मई 2026 तक प्रस्तावित हैं और अंतिम मतदाता सूची 28 मार्च को जारी की जाएगी। आयोग ने सभी जिलों को चेतावनी दी है कि सुधार प्रक्रिया पूरी तरह सुनिश्चित की जाए ताकि चुनाव की तैयारी में किसी तरह की गड़बड़ी न आए।