वाराणसी: अस्सीघाट पर गंगा आरती के दौरान पर्यटकों से कुर्सी पर बैठाने के नाम पर 200-300 रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। यह घटना तब उजागर हुई जब एक बुजुर्ग पर्यटक ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।
पुलिस ने मामला लिया संज्ञान में
वाराणसी के एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वसूली में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामला कैसे हुआ उजागर
गुरुवार को महाराष्ट्र के कुछ सैलानी अस्सीघाट पहुंचे थे। वहां उन्हें गंगा आरती के दौरान कुर्सी पर बैठाने के लिए पैसे वसूलने की जानकारी मिली। पर्यटकों का आरोप है कि यदि वे पैसे नहीं देते, तो आरती देखने से वंचित कर दिया जाता। वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि घाट पर कुछ लोग श्रद्धालुओं से पैसे मांग रहे हैं और मना करने पर दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
स्थानीयों और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह नया मामला नहीं है। प्रतिदिन घाट पर इस प्रकार की अवैध वसूली की घटनाएं होती रहती हैं। श्रद्धालु भी मानते हैं कि इस तरह की गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसीपी गौरव कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक छवि पर असर डाला है। गंगा आरती, जो एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, अब अवैध वसूली के विवाद में आ गई है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं में विश्वास बहाल किया जा सके।
संदेश और सीख
यह प्रकरण दर्शाता है कि कुछ लोग धार्मिक स्थलों का लाभ उठाकर अवैध वसूली कर रहे हैं। सख्त निगरानी और कार्रवाई के माध्यम से ही श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सम्मानपूर्वक अपनी धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। वाराणसी की पहचान गंगा आरती और उसकी धार्मिकता से जुड़ी है, जिसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।