उत्तर प्रदेश के निर्यात क्षेत्र में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर साफ दिखने लगा है। विशेषकर प्रोसेस्ड मीट और चमड़े से जुड़े जिलों में व्यापार धीमा पड़ गया है। गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, उन्नाव और कानपुर जैसे जिले खाड़ी देशों पर काफी निर्भर हैं। पिछले साल इन जिलों से लगभग 40,000 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था, जिसमें प्रोसेस्ड मीट का हिस्सा सबसे अधिक था।
निर्यातकों का कहना है कि खाड़ी देशों में शिपिंग मार्गों में अनिश्चितता, बढ़ी बीमा लागत और लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण ऑर्डर प्रभावित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह संकट लंबा चला तो यूपी के मांस और चमड़ा उद्योग पर गंभीर असर पड़ सकता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख निर्यात गंतव्य अमेरिका (19%), यूनाइटेड किंगडम (7%) और संयुक्त अरब अमीरात (6%) हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले तीन साल में यूएई का योगदान बढ़कर लगभग 9% तक पहुंच सकता है।
जिलेवार निर्यात में गौतम बुद्ध नगर सबसे आगे
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में जिलेवार निर्यात में गौतम बुद्ध नगर शीर्ष पर है। यहां से करीब 94,272 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। इसके बाद गाजियाबाद (14,949 करोड़), कानपुर नगर (10,401 करोड़) और मुरादाबाद (10,391 करोड़) का स्थान है। आगरा, अलीगढ़, भदोही, उन्नाव और अमरोहा भी शीर्ष निर्यातक जिलों में शामिल हैं।
व्यापारिक संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि पश्चिम एशिया में बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति के कारण भारतीय कृषि और खाद्य उत्पादों के 11.8 अरब डॉलर के निर्यात पर खतरा मंडरा रहा है। शिपिंग मार्गों में व्यवधान और बीमा लागत में वृद्धि के कारण व्यापार महंगा हो गया है और कई शिपमेंट अटक चुके हैं।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि स्थिति जल्दी सामान्य नहीं हुई तो यूपी के मीट प्रोसेसिंग, चमड़ा, हैंडीक्राफ्ट और कृषि आधारित उद्योगों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
प्रदेश के शीर्ष निर्यातक जिले (2025)
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गौतम बुद्ध नगर – 94,272 करोड़
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गाजियाबाद – 14,949 करोड़
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कानपुर नगर – 10,401 करोड़
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मुरादाबाद – 10,391 करोड़
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आगरा – 7,555 करोड़
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अलीगढ़ – 7,218 करोड़
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भदोही – 5,098 करोड़
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उन्नाव – 4,941 करोड़
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अमरोहा – 2,816 करोड़
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संभल – 2,406 करोड़