मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि होली, रमजान, ईद और अन्य आने वाले पर्वों के दौरान किसी भी तरह के उपद्रव या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी कार्रवाई पर तुरंत कार्रवाई होगी।
शनिवार देर शाम आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने होली, रमजान, नवरोज, ईद और बासंतिक नवरात्र जैसे आगामी पर्वों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को फील्ड में सतर्क रहने, सुरक्षा उपाय मजबूत करने और प्रशासनिक समन्वय बढ़ाने के दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन और जन-शिकायत निस्तारण की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवधि में बोर्ड परीक्षाएं भी हो रही हैं, इसलिए यह समय कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है। उन्होंने बीते पाँच वर्षों की घटनाओं से सीख लेकर प्रभावी सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रदेश में कहीं भी समाज में विद्वेष फैलाने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर तय होगी। उन्होंने पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, शोभायात्राओं के दौरान विशेष सतर्कता रखने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने होलिका दहन समितियों और पीस कमेटियों की बैठक अनिवार्य करने को कहा ताकि पर्वों के दौरान सामुदायिक सौहार्द बना रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि होलिका दहन सुरक्षित स्थान पर ही हो और किसी भी जगह अभद्र गीत-संगीत न बजें। किसी भी कृत्य से किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति को आहत नहीं किया जाना चाहिए।
ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने कानफोड़ू लाउडस्पीकर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोकल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया निगरानी को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि फेक अकाउंट या अफवाह फैलाने वाले संदेशों का तुरंत खंडन किया जा सके।
परिवहन और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने विशेष निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली के अवसर पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाए और निजी ऑपरेटरों द्वारा मनमाना किराया वसूलने पर कड़ी कार्रवाई हो। बसें अपनी निर्धारित जगह पर ही खड़ी हों। ऊर्जा विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तथा गोवंश संरक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।