लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन कर्मयोगी के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सात दिन के कैपेसिटी बिल्डिंग प्रशिक्षण को अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। इस प्रशिक्षण को कर्मचारियों के प्रमोशन और एसीआर से भी जोड़ा जाएगा। उच्चस्तरीय बैठक में सीएम ने कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए सभी प्रशिक्षण केंद्रों के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करने का आदेश दिया।
सीएम ने कहा कि सभी विभागों और सरकारी संस्थानों के पाठ्यक्रम में एआई और साइबर सुरक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तैयार किए गए पाठ्यक्रमों को भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म iGOT पर अपलोड किया जाना चाहिए।
सभी स्तर के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण अनुकूल
बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने मिशन के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की। सीएम ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात करते हुए सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है।
सीएम ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन और व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इंजीनियरों को नई तकनीक और डिज़ाइन का ज्ञान मिलना चाहिए। वहीं, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायत और नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक और जरूरत-आधारित प्रशिक्षण प्राथमिकता में होगा।
देश भर के प्रशिक्षण संस्थान होंगे आधुनिक
मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र सरकार के 30 लाख सिविल सेवक, राज्य स्तर पर 2.2 करोड़ कर्मचारी और स्थानीय निकायों व पंचायतों में 50 लाख कर्मियों को क्षमता संवर्धन से जोड़ा जाएगा। इसके लिए देश के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाया जा रहा है।
सभी कर्मचारियों के सतत और समग्र प्रशिक्षण के लिए iGOT डिजिटल प्लेटफॉर्म स्थापित किया गया है। वर्तमान में प्लेटफॉर्म पर 1.45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं, और कुल 4179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें 840 पाठ्यक्रम हिंदी और 15 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में 540 से अधिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। अब तक 6.7 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, और पाठ्यक्रम पूर्णता दर 70 प्रतिशत से अधिक है।
उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य बना
iGOT कर्मयोगी के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कर्मचारी प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो कि 2025 में देश भर में हुई कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। वहीं, प्रदेश के 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है।