लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में घायलों का हालचाल लेने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का फैसला किया। इस टीम का नेतृत्व अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति) अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन, प्रवीण कुमार करेंगे। एसआईटी को हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। गिरफ्तारी के साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभिन्न विभागों के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबित अधिकारियों में बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हैं।
हादसे के समय मुख्यमंत्री अलीगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे।
राजधानी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सीधे घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने केजीएमयू पहुंचकर घायलों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि का भी ऐलान किया गया है।