शादी, विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में व्यर्थ खर्च को रोकने के लिए खत शिलगांव के पंचरा-भंजरा स्थित महासू देवता मंदिर में ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब सभी शादी-विवाह समारोह गांव या घरों में ही संपन्न होंगे, महंगे होटल, पार्क या फार्म में आयोजन की अनुमति नहीं होगी।
स्याणा के तुलसी राम शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह भी तय किया गया कि महिलाओं को समारोह में अधिक गहने पहनने की अनुमति नहीं होगी, और प्रत्येक महिला केवल तीन गहने पहन सकती हैं। इसके अलावा, डीजे, फास्ट फूड और बीयर जैसी महंगी और अतिरिक्त चीजों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पहली शादी में न्यौते के रूप में अधिकतम 100 रुपये दिए जाएंगे, जबकि कन्यादान राशि व्यक्तिगत इच्छा अनुसार तय होगी। बैठक में चेतावनी भी दी गई कि यदि कोई भी ग्रामीण इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसे सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा।