देहरादून में पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सीएनजी वाहनों की ओर रुझान तेजी से बढ़ा है। शहर में सीएनजी की दैनिक खपत अब 50 हजार किलोग्राम से अधिक हो चुकी है, जबकि कुछ महीने पहले यह आंकड़ा करीब 32 हजार किलोग्राम प्रतिदिन था।

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, भविष्य में संभावित ईंधन संकट की आशंका और दून–दिल्ली नेशनल ग्रीन हाईवे पर वाहनों की बढ़ती आवाजाही इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।

70 प्रतिशत तक बढ़ी मांग

गेल गैस लिमिटेड के महाप्रबंधक अंबुज गौतम के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए नेशनल ग्रीन हाईवे के शुरू होने के बाद दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से आने वाले सीएनजी वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान ही खपत 5 से 10 प्रतिशत बढ़ती थी, वहीं इस बार मांग में करीब 70 प्रतिशत तक उछाल देखा गया है।

उन्होंने बताया कि देहरादून में फिलहाल 16 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं और बढ़ती मांग को देखते हुए नेटवर्क विस्तार की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।

पेट्रोल-डीजल महंगे, वैकल्पिक ईंधन की ओर झुकाव

पश्चिम एशिया में तनाव के कारण पिछले कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर असर पड़ा है। हाल ही में कमर्शियल एलपीजी के दामों में भी 2,000 से 2,500 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई, जबकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी प्रति लीटर तीन रुपये तक का इजाफा दर्ज किया गया। ऐसे हालात में लोग तेजी से सीएनजी और वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

देहरादून में आपूर्ति सामान्य

जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के अनुसार, देहरादून में कुल 165 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के साथ-साथ नायरा और रिलायंस के आउटलेट शामिल हैं। शुक्रवार सुबह तक जिले में लगभग 24 लाख लीटर पेट्रोल और 20 लाख लीटर डीजल उपलब्ध था।

गुरुवार को ही इंडियन ऑयल के पंपों से करीब 4 लाख लीटर पेट्रोल और 3.63 लाख लीटर से अधिक डीजल की बिक्री दर्ज की गई। जिले में 70 गैस एजेंसियां भी कार्यरत हैं और अधिकतर स्थानों पर सिलेंडर आपूर्ति का बैकलॉग लगभग समाप्त हो चुका है।

पीएनजी परियोजना को गति की जरूरत

देहरादून में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) परियोजना अभी भी विभिन्न अनुमतियों के कारण धीमी गति से आगे बढ़ रही है। रोड कटिंग और समय-सीमा जैसी बाधाओं ने पाइपलाइन विस्तार को प्रभावित किया है। इसके बावजूद अब तक लगभग 3,400 घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंच चुका है। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में 24 घंटे कार्य की अनुमति मिलने से नेटवर्क विस्तार में तेजी आने की उम्मीद है।

लोगों ने दी जागरूकता की सलाह

स्थानीय नागरिकों ने भी ईंधन बचत और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग पर जोर दिया है। लोगों का कहना है कि निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन और सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।