हरियाणा में सरकारी नियमों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विभिन्न विभागों में बिना अनुमति नए वाहनों की खरीद का मामला सामने आया है। इस पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी प्रशासनिक सचिवों और विभाग प्रमुखों को नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अब केवल मुख्य सचिव कार्यालय (आरवीए शाखा) की अनुमति से ही नए वाहनों की खरीद संभव होगी।

वित्त विभाग के अधीन लोक उद्यम ब्यूरो द्वारा सभी बोर्ड, निगमों, सरकारी कंपनियों, सहकारी संस्थाओं और स्वायत्त निकायों के प्रमुखों को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि 9 मई 2013 के वित्त विभाग के आदेश के अनुसार केवल कंडम वाहनों के स्थान पर ही नई गाड़ियों की अनुमति दी जा सकती है, अन्यथा नई खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है।

इसके बावजूद कई विभागों द्वारा तय अधिकार सीमा से अधिक वाहनों की खरीद के मामले सामने आए हैं। इस पर नियंत्रण के लिए सरकार ने दोहराया है कि अब सभी प्रकार की वाहन खरीद—चाहे नई हो या प्रतिस्थापन—केवल मुख्य सचिव कार्यालय (आरवीए शाखा) की स्वीकृति से ही की जाएगी। यह नियम राज्य निधि या आंतरिक संसाधनों से होने वाली सभी खरीदों पर लागू होगा।

सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि वित्त वर्ष 2025-26 में किसी भी स्तर पर निर्धारित अधिकार सीमा से अधिक वाहन खरीद नहीं की गई है।