राजौरी जिले के कोटरंका क्षेत्र में जंगली मशरूम खाने से एक परिवार की तबीयत बिगड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। जंगल से लाई गई मशरूम की सब्जी खाने के कुछ ही समय बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि परिवार के सात अन्य सदस्यों को गंभीर हालत में राजौरी के जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भोजन के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात मोहड़ा गांव में एक ही परिवार के आठ लोगों ने जंगली मशरूम से बनी सब्जी खाई थी। भोजन के थोड़ी देर बाद सभी को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने लगे। स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों की मदद से सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांडी ले जाया गया, जहां से उन्हें गंभीर हालत में जीएमसी राजौरी रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान 60 वर्षीय मुहम्मद हुसैन की मौत हो गई, जबकि अन्य सात मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम गांव पहुंची और प्रभावित परिवार से जानकारी जुटाई। साथ ही खाने के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। शुरुआती जांच में जंगली मशरूम में जहरीला तत्व होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि असली कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
डॉक्टरों की निगरानी में मरीज
मेडिकल कॉलेज राजौरी के प्रिंसिपल डॉ. ए.एस. भाटिया ने बताया कि सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। फिलहाल इसे सामान्य फूड प्वाइजनिंग का मामला माना जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगली या अनजान वनस्पतियों का सेवन करने से पहले पूरी सावधानी बरतें।
पीड़ित परिवार के सदस्य
इस घटना में प्रभावित लोगों में रुबीना कौसर (24), रतीश अली (6), आतिश अली (10), आफिया कौसर (17), मुहम्मद इमरान (8), मुहम्मद इरफान (16) और सखी मुहम्मद (14) शामिल हैं।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
स्थानीय लोगों में यह मामला चिंता बढ़ाने वाला है, क्योंकि करीब डेढ़ साल पहले कोटरंका के बड़ाल इलाके में भी इसी तरह की घटना में कई लोगों की जान चली गई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगली मशरूम की हजारों प्रजातियां होती हैं, जिनमें कई जहरीली भी होती हैं। सही पहचान के बिना इनका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है।