हरिद्वार। शारदीय कांवड़ यात्रा के दौरान सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार कांवड़ यात्रियों और पुलिस के बीच नोंकझोंक देखने को मिली। मामला तब बिगड़ा जब यात्रियों ने पूर्व निर्धारित मार्ग को छोड़कर सीधे चंडी पुल से हरिद्वार शहर में प्रवेश करने की जिद की। पुलिस ने काफी समझाने की कोशिश की और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया, लेकिन लंबे समय तक स्थिति नियंत्रण से बाहर रही। अंततः अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद यात्रियों को तिरछे पुल से गौरीशंकर पार्किंग की ओर भेजा गया।

इस बीच हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई और अंजनी चेक पोस्ट पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चंडी चौकी प्रभारी नवीन चौहान ने बताया कि यात्रियों को व्यवस्थित करने के बाद यातायात सामान्य कर दिया गया।

कांवड़ियों की स्वास्थ्य समस्याएं, व्यवस्थाओं में कमी

शारदीय कांवड़ यात्रा के पांचवें दिन हरिद्वार–नजीबाबाद हाईवे पर शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रास्ता केसरिया रंग में रंगा हुआ है और श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने लायक है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं कहीं नजर नहीं आ रही हैं।

पैदल यात्रा कर रहे कांवड़ियों को पैरों में छाले, अत्यधिक थकान, बुखार, उल्टी, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में उन्हें निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए गए दावे धरातल पर दिख नहीं रहे।

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह सवाल उठ रहा है कि क्या समय रहते स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था की जाएगी।

पुलिस प्रशासन अलर्ट, यातायात नियंत्रण

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू की गई है और हाईवे पर गश्ती टीमें सतर्क हैं। पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है ताकि भीड़ के बीच यातायात और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

नीलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का तांता

श्यामपुर–नजीबाबाद मार्ग पर स्थित नीलेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया, और भगवान शिवलिंग का फूलों और फलों से भव्य श्रृंगार किया गया।