नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने ऑनमार्क पोर्टल में सामने आई सुरक्षा खामियों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर आधिकारिक बयान जारी किया है। बोर्ड ने कहा है कि सिस्टम में उजागर हुई कमियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों की टीम सक्रिय रूप से काम कर रही है।
सुरक्षा खामियों को किया गया दुरुस्त
CBSE के अनुसार, पोर्टल में सामने आई प्रारंभिक सुरक्षा कमजोरियों को ठीक कर लिया गया है। बोर्ड ने बताया कि आईआईटी और विभिन्न सरकारी संस्थानों के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सहायता से सिस्टम को अधिक सुरक्षित और मजबूत संरचना में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही संभावित अन्य खामियों की भी जांच की जा रही है ताकि किसी तरह की साइबर सुरक्षा समस्या को समय रहते रोका जा सके।
साइबर विशेषज्ञों और जागरूक लोगों का आभार
बोर्ड ने उन एथिकल हैकर्स और जागरूक नागरिकों का धन्यवाद किया है, जिन्होंने इन सुरक्षा खामियों की जानकारी साझा की। CBSE ने बताया कि कुछ लोगों से सीधे संपर्क भी किया गया है। साथ ही बोर्ड ने अपील की है कि यदि किसी को भी सिस्टम से जुड़ी कोई तकनीकी या सुरक्षा संबंधी जानकारी मिलती है, तो वह secy-cbse@nic.in पर सीधे संपर्क कर सकता है।
डेटा लीक को लेकर सियासी बयानबाजी
इस बीच CBSE की उत्तर पुस्तिकाओं में कथित डेटा लीक को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को उठाते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 12वीं कक्षा के लाखों छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़ा डेटा सार्वजनिक होने की गंभीर स्थिति सामने आई है। उन्होंने इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है और मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।