मुरादाबाद: मुरादाबाद जोन के तीन जिलों मुरादाबाद, संभल और रामपुर में बिजली चोरी लगातार सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। विद्युत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 से दिसंबर 2025 तक मुरादाबाद जोन में ग्रिड से मिलने वाली बिजली और उपभोक्ताओं को बेची गई बिजली में अंतर से पता चला कि इस सात महीने के दौरान लगभग 45.44 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हुई।
पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से इसका आर्थिक नुकसान करीब 227.20 करोड़ रुपये का है। विभाग के मुख्य अभियंता अशोक चौरसिया ने बताया कि मुरादाबाद जोन को ग्रिड से कुल 331.756 करोड़ यूनिट बिजली मिली, जबकि उपभोक्ताओं को 286.316 करोड़ यूनिट बिजली बेची गई।
बिजली चोरी में पिछले साल के मुकाबले कमी
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में मुरादाबाद, संभल और रामपुर में 643.94 करोड़ यूनिट बिजली लाइनलास में दर्ज की गई थी, जबकि 2025 में यह घटकर 45.44 करोड़ यूनिट हो गई। प्रतिशत के हिसाब से लाइनलास में कमी आई है 2024 में यह 18.43 प्रतिशत था, जबकि 2025 में केवल 13.70 प्रतिशत रहा।
रामपुर जिले में सबसे ज्यादा चोरी
तीनों जिलों में सबसे अधिक बिजली चोरी रामपुर जिले में दर्ज की गई है। विद्युत विभाग ने बताया कि लाइनलास में तकनीकी हानि और बिजली चोरी दोनों शामिल हैं। विभाग लगातार अभियान चला रहा है और चोरी रोकने के उपाय कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद चोरी पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है।
अशोक चौरसिया ने कहा, "बिजली चोरी और लाइनलास रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और अभियान चलाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं की जागरूकता और सख्त कार्रवाई से ही इस पर काबू पाया जा सकता है।"