नई दिल्ली। हाईवे पर सफर करने वालों को जल्द ही टोल शुल्क में बड़ी राहत मिलने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण के दौरान यात्रियों से वसूले जाने वाले टोल में कटौती करने का फैसला लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो लेन से चार लेन में अपग्रेड किए जा रहे हाईवे पर निर्माण कार्य के समय टोल दरें आधी कर दी जाएंगी।

सिर्फ इतना ही नहीं, जो एक्सप्रेसवे अभी आंशिक रूप से चालू हैं जैसे दिल्ली-मुंबई और अमृतसर-जामनगर वहां भी टोल दरों को सामान्य राष्ट्रीय राजमार्गों के बराबर लाने का निर्णय किया गया है। अभी तक इन एक्सप्रेसवे पर एनएच की तुलना में करीब 1.25 गुना अधिक टोल वसूला जा रहा था।

वित्त मंत्रालय से मिली हरी झंडी

सूत्रों के अनुसार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के इन प्रस्तावों को वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही इन्हें लागू किया जाएगा। मंत्रालय का मानना है कि निर्माण के दौरान सड़क की चौड़ाई घट जाती है और यात्रियों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल पातीं, ऐसे में पूरा टोल वसूलना व्यावहारिक नहीं है।

निर्माण के दौरान टोल घटकर 30 प्रतिशत रहेगा

अब तक दो लेन से चार लेन में विस्तार के समय यात्रियों से सामान्य टोल का लगभग 60 प्रतिशत शुल्क लिया जाता था। नए फैसले के तहत यह दर घटाकर करीब 30 प्रतिशत कर दी जाएगी। साथ ही, परियोजनाओं में अनावश्यक देरी होने पर ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने और सख्त निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अधूरे एक्सप्रेसवे पर भी मिलेगी राहत

वित्त मंत्रालय ने यह भी तय किया है कि जो एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू नहीं हैं, वहां परियोजना पूरी होने या अधिकतम एक साल तक टोल दरें सामान्य राष्ट्रीय राजमार्गों के समान रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि अधिक टोल के कारण भारी वाहन इन मार्गों का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, जिससे ट्रैफिक उम्मीद से कम रहा।

ट्रैफिक के आंकड़ों के आधार पर होगा अगला फैसला

सरकार ने साफ किया है कि एक साल बाद टोल में दी गई इस छूट को जारी रखने या खत्म करने का निर्णय वास्तविक ट्रैफिक आंकड़ों के आधार पर लिया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्य समय पर पूरा हो, इसके लिए संबंधित एजेंसियों पर सख्ती बरती जाएगी। यह कदम यात्रियों को राहत देने के साथ-साथ सड़क परियोजनाओं की गति बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।