भारत में यात्री वाहनों (Passenger Vehicles) की घरेलू बिक्री FY26 में अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। कुल 47.07 लाख यूनिट्स बिकीं, जो पिछले साल की तुलना में 8.46% अधिक हैं। इस उछाल का सबसे बड़ा कारण एसयूवी (SUV) सेगमेंट रहा, जिसने पूरे बाजार की दिशा बदल दी।

SUV सेगमेंट ने किया कमाल
FY26 में SUV ने 12.66% की मजबूत वृद्धि दर्ज की और कुल बिक्री में इसका योगदान और बढ़ गया। अब भारत में बिकने वाली लगभग हर दूसरी कार SUV है, जो उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, FY27 तक SUV की बाजार हिस्सेदारी 60% तक पहुँचने की संभावना है।

सेगमेंट-वार बिक्री का हाल

सेगमेंटFY26 बिक्री (लाख यूनिट्स)साल-दर-साल बदलाव (%)
SUV26.712.66
हैचबैक9.88-3.14
MPV4.906.52
सेडान3.9917.35
वैन1.606.67
कुल47.078.46

बाजार हिस्सेदारी में बदलाव
SUV: 56.72% (FY25: 54.61%)
हैचबैक: 20.99% (FY25: 23.50%)
MPV: 10.41%
सेडान: 8.48%
वैन: 3.40%

स्पष्ट है कि SUV ने बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल की, जबकि हैचबैक का प्रदर्शन लगातार कमजोर रहा।

नई लॉन्च ने SUV को मजबूती दी
Maruti Suzuki Victoris, Tata Motors Sierra, Renault Duster जैसे नए मॉडल्स ने SUV सेगमेंट को मजबूती दी। साथ ही Hyundai Venue और Kia Seltos के नए वर्जन, और Tata Punch, Mahindra Thar, MG Hector के फेसलिफ्ट मॉडल्स ने मांग बढ़ाई।

EV बाजार में भी SUV का दबदबा
इलेक्ट्रिक वाहनों में भी SUV की लोकप्रियता बढ़ रही है। Mahindra XEV 9S, Tata Harrier EV और VinFast VF 6, VF 7 जैसे मॉडल्स ने इलेक्ट्रिक SUV ट्रेंड को और मजबूत किया।

सेडान और MPV सेगमेंट का प्रदर्शन
सेडान ने 17.35% की सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की, मुख्य रूप से Dzire की बिक्री के चलते। MPV और वैन में मामूली वृद्धि हुई और उनकी बाजार हिस्सेदारी लगभग स्थिर रही।

भविष्य का रुझान
ऑटो इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि SUV का दबदबा आने वाले वर्षों में और बढ़ सकता है। नए लॉन्च, उन्नत फीचर्स और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं के चलते यह सेगमेंट भारत के कार बाजार में हावी बने रहने की पूरी संभावना है।