मेरठ में आवास एवं विकास परिषद द्वारा जारी सैटबैक नोटिस के खिलाफ सेक्टर-3 और 4 में महिलाओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने चौराहे पर धरना शुरू करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

छोटे दुकानदारों की आजीविका पर संकट

प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि सैटबैक नोटिस के चलते इलाके के छोटे दुकानदारों और निम्न आय वर्ग के लोगों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है। कई लोगों ने डर के चलते अपनी दुकानें बंद कर दी हैं, जिससे स्थानीय व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

महिलाओं के अनुसार, इन क्षेत्रों में अधिकतर परिवार छोटे व्यवसायों पर निर्भर हैं और नोटिस के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

सेक्टर-3 और 4 में धरना, प्रशासन से राहत की मांग

सेक्टर-3 और 4 के मुख्य चौराहे पर जुटी महिलाओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि कमजोर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए इस कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

दुकानें बंद, कामकाज ठप

स्थानीय लोगों के मुताबिक नोटिस जारी होने के बाद कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। कुछ ने दुकानों को पूरी तरह सील कर दिया है, जिससे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गई हैं।

पहले भी हो चुका है प्रदर्शन, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

इससे पहले सेक्टर-2 में भी इसी मुद्दे को लेकर महिलाओं ने धरना दिया था, जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया था। मामले को लेकर क्षेत्रीय सांसद अरुण गोविल ने हस्तक्षेप करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कराने का आश्वासन दिया था।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को कुछ महिलाओं ने दिल्ली जाकर वकील से मुलाकात की थी, जिसके बाद सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है।