आजम खां को बनानी चाहिए अलग पार्टी, 2027 में अखिलेश को दें जवाब: मौलाना शहाबुद्दीन

सीतापुर/रामपुर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खां मंगलवार को 23 माह बाद सीतापुर जिला कारागार से रिहा हो गए। उनकी रिहाई को लेकर सुबह से ही जेल परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी सतर्कता से तैनात थीं। दोपहर करीब 12:20 बजे जब आजम खां जेल से बाहर निकले तो उनके साथ पुत्र अब्दुल्ला आजम, बेटे अदीब और प्रतिनिधि मौजूद थे।
आजम खां की रिहाई पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने खुशी जताते हुए कहा कि रामपुर और प्रदेश के मुसलमानों के लिए यह बड़ा सुकून देने वाला क्षण है। उन्होंने कहा कि आजम खां ने रामपुर के विकास में अहम भूमिका निभाई और समाजवादी पार्टी को मजबूत नींव दी, लेकिन कठिन समय में उन्हें पार्टी नेतृत्व का साथ नहीं मिला।
"अखिलेश ने अकेला छोड़ दिया"
मौलाना रजवी ने कहा कि आजम खां ने पार्टी को खून-पसीने से सींचा, जिसकी बदौलत मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव कई बार मुख्यमंत्री बने। इसके बावजूद कठिन दौर में अखिलेश ने आजम खां का साथ नहीं दिया। उनके मुताबिक, आजम खां और उनका परिवार लंबे समय तक अकेले ही अपनी कानूनी लड़ाई लड़ते रहे।
नई पार्टी बनाने की सलाह
मौलाना रजवी ने सुझाव दिया कि जेल से बाहर आने के बाद आजम खां को प्रदेश भर में अपने समर्थकों को संगठित करना चाहिए और नई राजनीतिक पार्टी का गठन कर 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती से उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश का मुसलमान खुलकर आजम खां के साथ नजर आएगा और अखिलेश यादव को भी उनकी ताकत का अहसास होगा।
रिहाई के दौरान जिला कारागार के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल, एलआईयू की टीमें और पीएसी के जवान तैनात रहे। एहतियात के तौर पर जेल के सामने और ओवरब्रिज पर भीड़ को लगातार हटाया जाता रहा।
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